Viral Fiver symptoms and treatment in hindi



source – www.livehindustan.com

            VIRAL FIVER – ऐसे करें बचाव 

hello friends, कैसे हो? उम्मीद है आप बीमर नहीं होंगे | आजकल almost सभी घरों में एक न एक viral fiver का मरीज आपको मिल ही जायगा| जैसा की आप सब जानते हो last 2 weeks से tempreture मे काफी changes देखने को मिया है जो इन्फ्लुएंजा वायरस पनपने व फैलने के लिए सबसे अच्छा atmosphare है| इन्फ्लुएंजा वायरस इन दिनों बहुत active हो जाते है क्योकि सब जगह जमा हुआ बारिश का पानी ही इनको अपनी संख्या बढ़ने में मददगार होता है | इस वायरस के फैलने की एक और बड़ी वजह polution leval है जो की लगातार बढ़ता ही जा रहा है | आइये इस article में जानते है की कैसे आप और हम इस वायरस की चपेट में आने से बाख सकते हैं और दूसरों को भी बचा सकते हैं |

    viral बुखार के main लक्षण  

       गले में दर्द होना
नाक बहना या नाक बंद होना थकान
vometing
नाक और आँख से पानी निकलना
गले मे खराश
खांसी व जुकाम
पेट में दर्द होना
भूख ना लगना
  कौन कौन से वायरस हैं जिम्मेदार 
      viral बुखार को फ़ैलाने के लिए बहुत सारे viruses जिम्मेदार होते हैं जैसे इन्फ्लुएंजा वायरस , प्राइन्फ़्लुएन्जा , एडिनोविरुस , r.s.v , राइनो आदि ये सब कुछ ऐसे वायरस है जो बहुत तेजी से फैलते हैं | as i mentioned ये viruses बारिश के गंदे पानी में बहुत जल्दी फैलते हैं| इसलिए हमे जितना हो सके अपने आस पास कहीं भी किसी भी तरह का पानी खुल्ला नहीं छोड़ना चाहिए जैसा की टी.वी आदि में भी बार बार हमे आगाह किया जाता है |
कैसे होता है viral fiver 
      viral बुखार तो हो जाता है और medicine लेने के बाद ठीक भी हो जाता है| लेकिन क्या आपने ये जानने की कोशिश की है की viral fiver आखिर होता कैसे है, नहीं न? तो चलिए हम बताते है की viral fiver कैसे होता है | ये वायरस सांस के द्वारा शारीर में प्रवेश करते हैं और हमारी श्वशन प्रणाली के primary parts जैसे की नाक और गले पर सीधा atack करते है जिसकी वजह से गले में खराश और जुकाम हो जाता है| जब हमारे बॉडी की प्रतिरोधक क्षमता us वायरस को ख़त्म करने के लिए अपना तापमान बढाती है तो इससे बॉडी का तापमान बढ़ जाता है जिसे हम लोग सामान्य भाषा मे बुखार कहते हैं| viral बुखार से संक्रमित व्यक्ति के खासने से यह वायरस हवा में फ़ैल जाता है और दुसरे व्यक्ति के सम्पर्क में आके उसे भी बीमार कर देता है | एक से दुसरे और दुसरे से तीसरे तक ये viruses बहुत ही आसानी से पहुँच जाते है इसी के कारन इसे viral fiver कहा जाता है |
viral fiver का इलाज
 
आमतौर पर viral बुखार 3 से 4 दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है | लेकिन अगर बुखार तेज़ और ज्यादा दिन तक रहे तो उसे कम करने के लिए पेरासिटामोल ये कालपोल आदि दी जाती हैं| बुखार से आराम पाने के लिए ज्यादा से ज्यादा आराम की जरुरत होती है | ध्यान रहे इसमें एस्प्रिन नहीं देनी चाहिए doctors की मानें तो इसमें रोगी को जितना ज्यादा हो सके तरल पदार्थ देना चाहिए ऐसा इसलिए क्योकि तापमान में उतार चढ़ाव की वजह से बहुत पसीना आता है जिस कारन बॉडी में पानी की कमी हो जाती है|
सावधानी बरतना है जरुरी
 
1. इन दिनों भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाना कम कर दे
2. किसी भी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें जिसे viral fiver हो
3. अपने हाथों को चेहरे से दूर रखें ताकि हाथों के जरिये viruses body में प्रवेश न कर सकें
4. हाथ पोछने वाला तोलिया रोज साफ़ करें
5. सूप , हल्दी वाला दूध और गुनगुने पानी आदि का सेवन करें
किन्हें होता है अधिक खतरा
देखो वैसे तो viral fiver किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है लेकिन इसका सबसे ज्यादा खतरा बच्चों , बुजुर्गों और डायबिटीज ,किडनी आदि के मरीजो को होता है क्योकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर
होती है | इस मोसम में खासकर के अस्थमा के रोगी मास्क पहने और साफ़ सफाई का विशेष ख्याल रखें |
तो ये थी viral fiver की कुछ बातें जो मैंने newspaper में पढ़ी थी| आप भी इसे पढ़ कर viral fiver से अपना और अपनों का बचाव कर सकते हैं | कृपया नीचे दिए गए शेयर बटन से इसे शेयर जरुर करें| और स्वस्थ रहें |
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